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Nov 19, 2016

KUSHTI WRESTLING: Badshahpur Village Dangal, By Anuj Tyagi

By Deepak Ansuia Prasad

25.10.2016













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बादशाहपुर का दंगल , सौजन्य से अनुज त्यागी।

बादशाह पुर का चौथा विशाल दंगल सुख शान्ति से संपन्न हुआ। दंगल का स्थान बाबा कुशाल शाद जी के मंदिर बादशाह पुर रहता हैं। हमेशा की तरह यहाँ छोटे और बाल पहलवानो को सबसे ज्यादा मौका मिला। अखाड़े की पूजा कर, दंगल दिन में बारह बजे के करीब आरम्भ हुआ। बाल पहलवानो को सबसे पहले कुश्ती दिखने का मौका मिला। उसके बाद गुरु खलीफाओं ने अपने निपुण पहलवानो को उतारा। सीनियर पहलवानो ने बहुत अच्छे करतब दिखाए। और छुट्टी की पहली कुश्ती के लिए तो पहलवानो की भीड़ ही खड़ी हो गई। दंगल कमिटी ने भी अपना खजाना खाली कर दिया और सभी पहलवानो की कुश्तियां करवाई। इस तरह से बादशाहपुर गांव खेलों को मौका देने और प्रमोट करने के लिए एक आदर्श गाँव बन गया हैं। यहाँ अक्सर कुश्ती , कबड्डी जैसे ग्रामीण खेल होते रहते हैं , जिन पर अच्छा इनाम रखा जाता हैं। इसी कड़ी में भाई अनुज त्यागी द्वारा यह दंगल बड़े धूम धाम व् शान से संपन्न हुआ।

दंगल कमेटी के सदस्य रहे :
रामवतार पहलवान जी, रामवतार त्यागी पहलवान जी, अनुज त्यागी, राम भारद्वाज, अनिल यादव, निक्कू यादव, बंटी सोनी, सचिन सोनी, सचिन त्यागी, पंकज त्यागी, तरुण शर्मा और सुनील तंवर इत्यादि।

दंगल के मुख्यातिथि व अतिथि वशिष्ट रहे :
अनूप कुमार (कप्तान भारतीय कब्बडी टीम), राजेश यादव समाज सेवी, प्रवीन त्यागी ( सदस्य रेलवे एडवाइजरी बोर्ड), भाई गोपाल यादव, धर्मवीर यादव (इन्साफ मंच), वाई. पी . शर्मा , अहलूवालिया, मुकेश जेलदार, धर्मवीर पहलवान हसलापुर, राजिंद्र त्यागी, सतपाल भारद्वाज, नरेश पहलवान बी.एस.एफ, भाई दीपक फाजिलपुर, दीपचंद जी आर.एस.एस, नवीन गोयल, पुष्पेंद्र गुप्ता जी और जगदेव पहलवान, सुनील पहलवान , संदीप पहलवान व् कालू पहलवान।

दंगल की पहले स्थान की कुश्ती रही अजय सोहना इन्दर अखाड़ा से और लंबा कृष्ण सोनीपत के बीच जो बहुत बढ़िया रही, दोनों पहलवानों ने पूरा ज़ोर लगाया, और एक दूसरे को ढहाने की पुरजोर कोशिश की , समय ख़त्म होने पर कुश्ती को बराबर घोषित कर दिया गया।
दूसरे स्थान की कुश्ती जीतू पहलवान श्यामलाल अखाङे से और विक्रम सी.आर.पी.एफ के बीच रही। दोनों पहलवान अनुभवी और बलशाली हैं , दोनों में दम हैं। और दोनों ही बड़े नामी गिरामी गुरु के पट्ठे हैं। दोनों ने अच्छा बढ़िया कुश्ती प्रदर्शन किया। और जी-जान लगाकर कुश्ती लड़ी। एक बार तो जीतू ने कुश्ती लगभग जीत ही ली थी , लेकिन रेफ़री का निर्णय सर्वमान्य हैं , जीतू अटैक पर अटैक लगाता रहा। नीचे से पैर पकड़ कर ऊपर आने की कोशिश में जीतू ने जोर लगाया लेकिन विक्रम ने जीतू को वहीँ दाब लिया और कुश्ती जीत ली। इस प्रकार हारी हुई कुश्ती में भी बड़ी शान हैं , लड़ कर मारने वालों को भी संसार बहुत सम्मान देता हैं। जीतू की लोगों ने बहुत प्रशंशा की।
तीसरे स्थान की कुश्ती रही आकाश नाथूपुर और स्वरुप मौ लोखरी सोनू अखाडा से के बीच. दोनों ही बढ़िया पहलवान हैं, कुश्ती मज़ेदार रही. अंत में गुरु-खलीफाओं ने कुश्ती को बराबर घोषित कर दिया गया।

चौथे स्थान की कुश्ती रही सतीश पहलवान धीरज अखाड़ा से और सुरेश जाटखेड़ी के बीच। दोनों पहलवान बढ़िया हैं और सीखें हुएं हैं। दोनों ने कुश्ती में जी-जान लगा दी। फुर्ती से कुश्ती लड़ते रहे। इस कुश्ती को भी सन्मय के अंत होने पर बराबर करार दिया गया।

पांचवे स्थान की कुश्ती रही धर्मवीर बादशाहपुर से और पवन श्यामलाल अखाड़ा फतेहपुर से के बीच। दोनों ही फुर्तीले और ताकतपर पहलवान हैं। दोनों ने ही जी-जान झोंक कर कुश्ती लड़ी। दोनों ने ही कोई भी कसार नहीं छोड़ी। दोनों लगभग थक ही गए थे। अंत में कुश्ती को बराबर करार दिया गया।

छठे स्थान की कुश्ती रहीं, रोहित मोटा अखाड़ा लाडपुर और लीला जयवीर अखड़ा भूपनिया के बीच। कुश्ती बहोत बढ़िया रही। दोनों पहलवानो ने बढ़िया कुश्ती प्रदर्शन किया। अच्छे दांव- पेचों ने कुश्ती को और बढ़िया बना दिया। कुश्ती बहोत मनोरंजक रही।
इसके अलावा सीनियर लेवल पर बहुत सी बेहतरीन कुश्तियां हुई , इन्हें आप मेरे यूट्ब चैनल ansuia1974 पर बादशाहपुर दंगल 2016 के नाम की प्लेलिस्ट खोल कर देख सकते हैं।
बादशाहपुर गाँव अखाङे के कईं पहलवानों ने बढ़िया कुश्तियां दिखाई। उनके के नाम कुश इस तरह हैं:-
धर्मवीर पहलवान मटरू, सोनू, सौरव, कार्तिक, मोहन, विक्की, लोकेश और अंकित। विपुल पहलवान ने लगातार नॉ ९ कुश्तिया जीत ली।
परंपरा के अनुसार सभी गुरु-खलीफाओं , कोच व् अतिथियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। दंगल मैं सभी पहलवानो की कुश्तिया कराई गयी।


ENGLISH VERSION



Some of the biggest names in Indian wrestling turned out for the fourth Badshahpur Dangal. The dangal was held at Saint Baba Kushal Shad temple adjacent to Badshahpur Village.

The first prize match was between Ajay of Sohna, Guru Inder Akhada and Lamba Krishna, Sonipat. The match was amazing. Both the wrestlers tried every technique in their arsenal but they were so equally matched that neither could secure a fall and the match ended in a draw.

The second prize match was between Jeetu Pahlwan of Guru Shyam Lal Akhada, Ghitorni, New Delhi, and Vikram Pahlwan of Central Reserve Police forces. Jeetu was aggressive today and almost pinned Vikram. But the wrestlers went out of bounds and were brought back to the center. Jeetu kept attacking, trying a single-leg takedown, but Vikram was much heavier and was able to push Jeetu onto his back, crushing him under his weight, giving Vikram the pin.

The third prize match was between Akash from Nathupur and Swaroop from Mau Lokhri Sonu Akhada. Akash is a great heavyweight while Swaroop is an older and more experienced Haryana Kesari. The match was very entertaining but ended in a draw as time ran out.

The fourth prize match was between Satish Pahalwan from Dheeraj Akhada and Suresh from Jatkhedi. Both are experienced wrestlers and fought with excellence. But the match was a tie.

The fifth prize match was between Dharamveer from Badshahpur and Pawan from Shyamlal Akhada who lives in Fatehpur. Pawan is famous for working with Salman Khan in the movie Sultan. People asked him to say some lines from the film. He complied to entertain the crowd. Both are powerful wrestlers. They gave their all to win the match but it ended in a draw.

The sixth prize match was between Rohit from Mota Akhada and Leela from Jayveer Akhada Bupaniya. It was a very entertaining match.

Many younger wrestlers also competed. Every wrestler was given a chance to wrestle.

Members of Dangal Committee:
Ramavtar pahalwan ji, Ramavtar Tyagi pahalwan ji, Anuj tyagi, Ram bhardwaj, Anil Yadav, Nikku Yadav, Bunty Soni, Sachin Soni, Sachin Tyagi, Pankaj Tyagi, Tarun Sharma and Sunil Tanvar.

Chief Guest and VIPs:
Anup Kumar (captain Indian kabbadi team), Rajesh yadav (social service), Praveen tyagi (member of railway advisory board), gopal yadav, dharmaveer yadav (justice forum), Y.P. Sharma ahloowaliya, mukesh jaildar, dharamveer pahalwan haslapur, rajindra tyagi, satpal bhardwaj, naresh pahalwan B.S.F, Deepak fazilpur, deepchand R.S.S, naveen goyal, pushpendra gupta and jagdev pahalwan, Sunil Pahlwan, Sandeep Pahlwa and Kalu Pahlwan etc.

Many wrestlers from Badshahpur Akhada wrestled well.
Their names are as follows:
Dharamveer pahalwan matroo, sonu, saurav, karthik, mohan, Vicky, lokesh and ankit. A wrestler named Vipul won 9 matches in a row.

All the gurus, coaches and respected fellowmen were honoured with Indian Pagdi.



Oct 30, 2016

KUSHTI WRESTLING: Suraj Kund Dangal - by Monu Pahlwan

By Deepak Ansuia Prasad












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अडंगपुर , लकड़पुर सूरजकुंड दंगल - सौजन्य से मोनू पहलवान
2 october, 2016

दिल्ली देहात में मोनू पहलवान एक नामी शख्शियत हैं। खुद अच्छे पहलवान रह चुके मोनू पहलवान को कुश्ती से प्रेम हैं। दिल्ली से सटा उनका गाँव सूरजकुंड क्राफ्ट मेला व् दिल्ली देहात के एक बेहतरीन गाँव के रूप में खासतौर पर जाना जाता हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र को एक ख़ास पहचान मिली हैं , मोनू पहलवान के सौजन्य से। पिछले कुछ वर्षों से मोनू पहलवान सूरजकुंड के इस पार्क में शानदार दंगल का आयोजन कराते आ रहे हैं। इसी कड़ी में ये शानदार पांचवां दंगल भी धूमधाम से संपन्न हुआ। मोनू पहलवान व् उनके मित्र अजय नेगी , शूटर भड़ाना , चरणजीत जौनापुर , बंटी भाई इत्यादि ने मोनू पहलवान की कमेटी में अपना योगदान दिया। दंगल में ख़ास योगदान रहा राजू भड़ाना जी व् उनके मित्रों का। राग्गी गुज्जर

Suraj Kund Dangal - by Monu Pahlwan
Monu Pahlwan is famous in this part of town. He is a social worker, and a wrestler. His village Anangpur is named after king Anangpal. The village is also well known for the famous Surajkund Crafts Mela. Anangpur has been made more famous by Monu Pahlwan, who organizes a great wrestling competition every year here. This was the fifth competition in a row, staged with the help of Monu Pahlwan's friends: Ajay Negi, Shooter Bhadana, Charanjeet Singh Jaunapur, Banty, and many others, including Raju Bhadana, Ragi Guijar, and president of Haryana Congress Pawan Bansal


दंगल में रेफेर्शिप की फरीदाबाद के जाने माने खलीफा लक्ष्मण पहलवान व् अमीर पुर घाटा गुडगाँव से मीर पहलवान ने। उनका साथ दिया करन खलीफा ने। हालाँकि करन खलीफा मुझे इसलिए नापसंद हैं की वे कुश्ती में पक्षपात पर उतर आते हैं , और बाद में पहलवानो से अपनी दलाली भी मांगते दीखते हैं। ऐसे उस्ताद खलीफाओं के बारे में भी दंगल कमेटियों को सचेत करने का मेरा फर्ज बनता हैं। देश के बड़े अखाड़े के नाम से दंगलों में शरीक होते इस खलीफा को जरूर हनुमान अखाड़े की आन , बान शान का ख्याल रखना चाहिए।

The referees at the Dangal were Guru Lakshman Pahlwan from Faridabad, Meer Pahlwan from village Ameerpur Ghata, Gurgaon and Karan Singh. I found Karan Singh to be an eccentric man, mis-judging sometimes. He belongs to a great wrestling school. He should have taken care of the respect of his Guru. I did the announcement work at the dangal, along with making videos, taking pictures etc.

The first prize match was between wrestler Naveen Mor and wrestler Hitesh. Both are great Bharat Kesari wrestlers. Their bout was inaugurated by the chief guests present there, including Pardesh Congress Adyaksh Pawan Bansal, Raju Bhadana, Ragi Gujjar etc. The match was a great delight to watch. Both wrestlers fought well and were soaked in mud and sweat by the end. The Dangal Committee gave them 15 minutes to decide the winner. They were so equally matched that no one could get a pin and the match was declared a draw. The cash prize was distributed between both of them.

दंगल में पहले इनाम रूपये एक लाख के लिए , अखाड़े में आकर छुट्टी बोली नवीन पहलवान ने। नवीन पहलवान चुनौती को हितेश ने स्वीकार किया। इस प्रकार दोनों पहलवानो के बीच तय कुश्ती को मुख्य अतिथियों ने हाथ मिलाकर शुरू करवाया। आखिरी कुश्ती थी। दर्शक गण अखाड़े के पास आ गए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई। मोनू भाई के कार्यकर्त्ता भी भीड़ को कण्ट्रोल करने में जुट गए। दोनों पहलवानो ने बढ़िया कुश्ती लड़ी। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक तंवर मंच से सीधा दर्शकों के बीच जा पहुंचे और अखाड़े पर, दर्शकों के बीच बैठकर ही उन्होंने ये कुश्ती देखी। कुश्ती का समय पंद्रह मिनट रखा गया था। दोनों पहलवानो ने बहुत जोर लगाया , पसीने से तरबतर दोनों पहलवान पूरे समय जोर आजमाते रहे। समय ख़त्म होने पर उन्हें दो और मिनट दिए गए। लेकिन फैसला फिर भी न हुआ तो सबने गाँव खेड़ों का जैकारा लगाया और कुश्ती बराबर घोसित हुई।


ललित और चित्रा पहलवान।
देश के नामी पहलवान स्वर्गीय बेदु पहलवान के बेटे ललित पहलवान अखाडा गुरु जसराम व् चित्रा पहलवान मथुरा के बीच दूसरी शानदार कुश्ती हुई। कुश्ती में लोगों का मत था की चित्रा कुश्ती जीत जाएंगे। क्योंकि बहुत दमदार पहलवान हैं चित्रा और ब्रजभूमि में पहली कुश्ती लड़ते आये हैं। लेकिन भाग्य उनके साथ न था। कुश्ती थोड़ी चली तो चित्रा ने अटैक किया वहीँ अपना संतुलन खो बैठे और ललित पहलवान ने शानदार टांग मारी , तो चित्रा सीधे चित्त हो कर जमीन पर आ गिरे। लोगों ने तालियां बजाय। ललित पहलवान ने शानदार कुश्ती जीती।

Lalit vs Chitra Pahlwan.
Lalit is a heavyweight wrestler from Guru Jasram Akhada. He is the son of the great wrestler Late Sh. Bedu Pahlwan. Chitra is a great wrestler who hails from Brajbhumi, Mathura, the land of Lord Krishna. They were paired against each other for the second prize match. The odds were with Chitra. People believed he is much better than Lalit. Chitra was too confident, but as the match started things changed quickly. Chitra attacked Lalit and lost balance, while Lalit used his legs to bring Chitra down with a bang.

Jeetu Pahlwan vs Amit Kadolia.
Jeetu and Amit are old foes. They have fought many times and both have won and lost at least once. So it was not possible to take side. It was, however, Jeetu who was weaker this time. He had just recovered from viral fever and it was hard for him to match his forceful opponent. Jeetu was able to hold Amit and fought well for the allotted time. Their match was declared a draw.

जीतू और अमित पहलवान।
जीतू गुरु श्यामलाल अखाड़े का पहलवान हैं। और घिटोरनी गाँव का यह पहलवान गुरु श्यामलाल का पोता हैं। वहीँ अमित कड़ोलिया गुरु हनुमान अखाड़े का पहलवान हैं। दोनों की कुश्तियां पहले भी हुई हैं। और दोनों ही कम से कम एक बार कुश्ती जीते भी हैं। अब ये कहना मुश्किल हैं की कौन जीतेगा। बुखार से ठीक होकर कुश्ती लड़ रहे जीतू के लिए यह बड़ा मुश्किल होगा की वह अमित को हरा सके। इसलिए जीतू ने अधिकांशतः अमित के अटैक को काउंटर किया। साथ ही कुछ खूबसूरत दांव भी लगाए। कुश्ती समय ख़तम होने पर बराबरी पर छूटी।

Sandeep Pahlwan , Guru Satpal, of Chhtrsaal Stadium. vs Praveen Tomar from Badli
I have watching Sandeep grow and turn into a good wrestler. He was pitted against a seasoned wrestler form Badli, Parveen Tomar. Their bout lasted for the full allotted time and ended in a draw. Sunny Pahlwan has a flair and I wish him all the best. He will put a good show in the coming years.